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टोपा पीर के पास घात लगाकर हुए हमले में चार जवान शहीद, तीन घायल: सेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए, बड़े स्तर पर बदलाव की संभावना

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टोपा पीर के पास हाल ही में हुए एक आतंकवादी हमले में चार वीर जवान शहीद हो गए और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना गुरुवार की है, जब राजौरी में राष्‍ट्रीय राइफल्स यूनिट की तरफ से बफलीज से थनमंडी जा रहे जवानों के वाहनों पर घात लगाकर हमला किया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है और जवानों की शहादत पर हर ओर शोक की लहर दौड़ पड़ी है। सेना ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (CoI) के गठन का आदेश दिया है। यह जांच यह पता लगाएगी कि आखिर इस घात लगाकर हुए हमले को कैसे रोका जा सकता था और कौन इसके लिए जिम्मेदार है। साथ ही, सेना के उच्च स्तर पर कमान में बदलाव की भी संभावना है। घटना के बारे में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि चार जवानों की मौत के अलावा तीन अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि हथियारबंद आतंकवादियों ने जवानों के वाहनों पर अचाननाक हमला किया, जिससे जवानों को जवाब देने का मौका ही नहीं मिला। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और आतंकवादियों की तलाश जारी है। सरकार ने जवानों की शहाद...

कुश्ती संघ के निलंबन पर धमाल: संजय सिंह का सरकार से चर्चा का प्लान, नहीं सुधरा तो कोर्ट का रास्ता!

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हाल ही में भारतीय कुश्ती संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह के निलंबन से कुश्ती जगत में हंगामा मचा हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा निलंबन के फैसले के बाद संजय सिंह ने मोर्चा संभालते हुए दो अहम कदम उठाने की बात कही है - एक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे बातचीत कर निलंबन हटाने का प्रयास करना और दो, अगर सरकार से बातचीत सफल नहीं होती है तो कानूनी रास्ता अपनाना। कुश्ती के दिग्गज पहलवानों द्वारा यौन शोषण के आरोप लगाने के बाद से ही भारतीय कुश्ती संघ सुर्खियों में था। आखिरकार, सरकार ने केंद्र द्वारा नियुक्त एक निगरानी आयोग की सिफारिशों के आधार पर संघ के गवर्निंग काउंसिल को ही निलंबित कर दिया। इस फैसले के बाद देशभर के पहलवानों ने अपना विरोध जताया। निलंबन के बाद संजय सिंह ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गवर्निंग काउंसिल के सदस्य प्रधानमंत्री से मिलकर मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी बात सुनेगी और निलंबन का फैसला वापस लेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सरकार से बातचीत सफल नहीं होती है तो वे और गवर्निंग काउंसिल के अन्य सदस्य कोर्ट जाने स...

मंच पर ही थम गई सांस, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने जाते-जाते ये सलाह दी!

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आईआईटी कानपुर को एक बड़ा हादसा झेलना पड़ा है। संस्थान के डीन ऑफ स्टूडेंट्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख, प्रोफेसर समीर खंडेकर का शुक्रवार की शाम को एक एलुमनी मीट के दौरान स्टेज पर ही दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 53 वर्षीय प्रोफेसर खंडेकर इस दौरान स्वास्थ्य पर ही बोल रहे थे, लेकिन विडंबना ही देखिए कि अपनी अंतिम सांस लेने से कुछ ही पल पहले उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से ये कहते हुए विदा ली, "अपना ख्याल रखिए, सेहत ही सबसे बड़ी पूंजी है।" उनके इस अंतिम संदेश ने पूरे परिसर को मौन में डाल दिया। प्रोफेसर खंडेकर अपनी पॉजिटिव एनर्जी और उत्साह के लिए जाने जाते थे। उनके शानदार शोध और बेहतरीन शिक्षण कौशल के कारण वे छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उनके सहयोगियों ने उन्हें एक समर्पित शिक्षक और कुशल प्रशासक बताया। प्रोफेसर खंडेकर का जाना पूरे आईआईटी कानपुर परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से एक शिक्षक, प्रशासक और गाइड तो नहीं रहे, बल्कि एक प्रेरणास्रोत का विलुप्त हो जाना भी महसूस हो रहा है। उनके अंतिम शब्द इस बात की याद दिलाते हैं कि जीवन अनमोल है और इसे बचान...

विश्व एड्स दिवस: एड्स संक्रमण के खिलाफ जागरूकता और संघर्ष

 हर साल 1 दिसंबर को, विश्व भर में एड्स संक्रमण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और इस समस्या के खिलाफ संघर्ष को अग्रसर करने के लिए विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन एक महत्वपूर्ण और जरूरी अवसर है जब हम सभी मिलकर एक साथ एड्स संक्रमण को रोकने और इससे पीड़ित लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। एक गंभीर और संक्रामक रोग के रूप में एड्स ने विश्व भर में लाखों लोगों को प्रभावित किया है। इस रोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और इसे नियंत्रित करने के लिए नए संजीवनी उपायों की खोज में लोगों ने मिलकर काम किया है। एड्स संक्रमण से बचाव और इलाज के बारे में जागरूकता का बढ़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है। व्यापक जागरूकता के माध्यम से लोग सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, संक्रमित होने से बच सकते हैं और संक्रमित लोगों की सहायता कर सकते हैं। इस दिन के माध्यम से हम एक एक अपेक्षा कर सकते हैं कि आगे बढ़ते समय में एड्स संक्रमण से लड़ने के लिए हम और भी प्रतिबद्ध और सक्रिय होंगे। इस विशेष दिन पर, हमें सभी मिलकर समुदाय में जागरूकता फैलाने, संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने और संक्रमित लोगों के प्रति समझ और सहानुभू...

स्मिता श्रीवास्तव: जीवित व्यक्ति पर सबसे लम्बे बालों के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

बालों की लंबाई अक्सर एक व्यक्ति की खूबसूरती और आकर्षण का प्रतीक होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इतनी लंबी बालों के साथ जीवित हो सकता है और उसकी बालों की लंबाई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकती है? हां, आपने सही सुना।  स्मिता श्रीवास्तव नामक एक युवती ने इसी रिकॉर्ड को अपने नाम किया है।स्मिता श्रीवास्तव, जिनकी उम्र अब २६ साल है, ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की पुस्तक में अपना नाम दर्ज कराया है। उनके बालों की लंबाई लगभग ७ फीट ९ इंच है। इन बालों की देखभाल और इन्हें इतनी लंबी लाने में उन्होंने अपना युगल समर्पण दिखाया है। स्मिता ने अपनी बालों की देखभाल १४ साल की उम्र से ही शुरू की थी। वे इसे नियमित तौर पर तेल लगाती रहीं और सही डाइट और पोषण का ध्यान रखती रहीं। जब इन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए अप्लाई किया, तो उन्हें इसकी पहचान मिली। इस उपलब्धि ने उन्हें न केवल रिकॉर्ड ब्रेकर के रूप में जाना जाएगा, बल्कि यह उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम भी है। यह रिकॉर्ड न केवल स्मिता के लिए बल्कि पूरे देश के लिए भी गर्व की बात है। यह उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है जो अपने सपन...

अलविदा, मलयालम फिल्म जगत की शिनिंग स्टार - अभिनेत्री शुभलक्ष्मी

मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की एक प्रमुख अभिनेत्री, शुभलक्ष्मी के निधन ने सिनेमा प्रेमियों को दुःखी कर दिया। उनका जाना मलयालम सिनेमा को एक बड़ा नुकसान पहुंचाया है। शुभलक्ष्मी ने अपनी अदाकारी और रंगीन प्रस्तुति से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी। उन्होंने अपनी करियर में कई उत्कृष्ट फिल्मों में अभिनय किया और अपनी प्रतिभा से दमदार प्रदर्शन किया। उनका नाम मलयालम सिनेमा के साथ जुड़ गया था और उन्होंने अपने साथी कलाकारों और दर्शकों को अपनी शानदार अदाकारी से प्रभावित किया। शुभलक्ष्मी के निधन से मलयालम सिनेमा का एक अद्वितीय चेहरा हमारे बीच से चला गया है, जिसने अपने अभूतपूर्व अभिनय और शानदार कौशल से सभी को मोहित किया था। उनकी यादें और उनके काम कभी नहीं भूले जाएंगे। इस दुखद समय में, हम सभी उनके परिवार और प्रियजनों के साथ हैं। शुभलक्ष्मी की आत्मा को शांति मिले। साधुवाद, शुभलक्ष्मी।