मंच पर ही थम गई सांस, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने जाते-जाते ये सलाह दी!
आईआईटी कानपुर को एक बड़ा हादसा झेलना पड़ा है। संस्थान के डीन ऑफ स्टूडेंट्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख, प्रोफेसर समीर खंडेकर का शुक्रवार की शाम को एक एलुमनी मीट के दौरान स्टेज पर ही दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 53 वर्षीय प्रोफेसर खंडेकर इस दौरान स्वास्थ्य पर ही बोल रहे थे, लेकिन विडंबना ही देखिए कि अपनी अंतिम सांस लेने से कुछ ही पल पहले उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से ये कहते हुए विदा ली, "अपना ख्याल रखिए, सेहत ही सबसे बड़ी पूंजी है।"
उनके इस अंतिम संदेश ने पूरे परिसर को मौन में डाल दिया। प्रोफेसर खंडेकर अपनी पॉजिटिव एनर्जी और उत्साह के लिए जाने जाते थे। उनके शानदार शोध और बेहतरीन शिक्षण कौशल के कारण वे छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उनके सहयोगियों ने उन्हें एक समर्पित शिक्षक और कुशल प्रशासक बताया।
प्रोफेसर खंडेकर का जाना पूरे आईआईटी कानपुर परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से एक शिक्षक, प्रशासक और गाइड तो नहीं रहे, बल्कि एक प्रेरणास्रोत का विलुप्त हो जाना भी महसूस हो रहा है। उनके अंतिम शब्द इस बात की याद दिलाते हैं कि जीवन अनमोल है और इसे बचाने के लिए अपनी सेहत का ख्याल रखना सबसे जरूरी है।
प्रोफेसर खंडेकर के इस दुखद निधन पर हम उनके परिवार, मित्रों और पूरे आईआईटी कानपुर समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। उनकी स्मृति हमेशा हमारे पास बनी रहेगी।
कुछ महत्वपूर्ण बिंदु:
- प्रोफेसर खंडेकर का निधन स्वास्थ्य पर संदेश देते हुए हुआ।
- उनके जाने से शिक्षा जगत को बड़ा झटका लगा है।
- उनके अंतिम शब्दों से एक महत्वपूर्ण संदेश मिलता है।
- इस दुखद घटना पर पूरी सहानुभूति।
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ॐ शांति!

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